Class 10th संस्कृत अध्याय 3 “आलसकथा”

Class 10th Sanskrit : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal) आपके लिए लाया है Class 10th संस्कृत अध्याय 3 “आलसकथा” का Objective & Subjective Answer Questions

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

1. ‘अलसकथा’ पाठ किस ग्रंथ से ली गई है ?
(A) हितोपदेश   
(B) पंचतंत्र    
(C) पुरुषपरीक्षा   
(D) महाभारत

2. ‘पुरुषपरीक्षा’ किसकी रचना है ?
(A) विद्यापति  
(B) कालिदास  
(C) विष्णु शर्मा  
(D) नारायण पंडित

3. पुरुषपरीक्षा में किसके महत्व का वर्णन किया गया है ?
(A) मानवगुण    
(B) दानवगुण     
(C) ईश्वरगुण    
(D) पशुगुण

4. पुरुषपरीक्षा में किसके निवारण का वर्णन किया गया है ?
(A) मानव गुणों के 
(B) मानव दोषों के          
(C) दु:ख के    
(D) मानव रोगों के

5. अलसकथा पाठ में किसके निवारण का वर्णन किया गया है ?
(A) क्षमा   
(B) लोभ
(C) आलस्य  
(D) क्रोध

6. ‘अलसकथा’ पाठ के लेखक कौन है ?
(A) विद्यापति
(B) दामोदर गुप्त   
(C) विष्णु शर्मा  
(D) राजशेखर

7. अलसकथा पाठ के अनुसार, नीतिकार आलस्य को क्या मानते है ?
(A) गुण        
(B) शत्रु          
(C) धर्म            
(D) मित्र

8. अलसकथा किस प्रकार की कथा है ?
(A) रचनात्मक   
(B) व्यंग्यात्मक 
(C) स्वभाविक  
(D) काल्पनिक

9. विद्यापति कौन थे ?
(A) अंगिका कवि    
(B) भोजपुरी कवि   
(C) मगही कवि    
(D) मैथिली कवि

10. सबसे बड़ा शत्रु कौन-सा है ?
(A) क्षमा         
(B) धन         
(C) आलस्य         
(D) कपट

11. वीरेश्वर कौन था ?
(A) मिथिला का राजा           
(B) मिथिला का मंत्री
(C) मिथिला का राजकुमार    
(D) मिथिला का संतरी

12. वीरेश्वर का स्वभाव कैसा था ?
(A) ईमानदार      
(B) भ्रष्ट        
(C) दानशील    
(D) धनी

13. वीरेश्वर प्रतिदिन किन्हें उनकी इच्छा अनुसार भोजन कराते थे ?
(A) संकटग्रस्तों एवं अनाथों को         
(B) धूर्तों को        
(C) नौकरों को   
(D) निर्धनों को

14. अलसकथा पाठ में मिथिला के मंत्री कौन थे?
(A) तपेश्वर      
(B) वीरेश्वर        
(C) महेश्वर       
(D) विशेश्वर

15. किनका यह प्रथम मत होता है कि भले ही भूखे रह जायेंगे लेकिन कोई काम नहीं करेंगे?
(A) विद्वानों का     
(B) धूर्तों का    
(C) आलसियों का   
(D) मुर्खों का

16. “स्थितिः सौकर्यमूला हि …… के न धावन्ति जन्तवः।।” यह उक्ति किस पाठ से संकलित है ?
(A) अलसकथा      
(B) संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः        
(C) पाटलिपुत्र वैभवम्      
(D) व्याघ्रपथिक कथा

17. जीव किसके सुख को देखकर दौड़ते हैं अथवा अनुकरण करते हैं ?
(A) अपनी जातियों के  
(B) दूसरी जातियों के        
(C) धर्मवानों के  
(D) दुष्टों के

18. बनावटी आलस्य दिखा कर कौन भोजन ग्रहण करते थे ?
(A) विद्वान       
(B) धूर्त        
(C) मूर्ख        
(D) जानकार

19. अलसशाला में धन का खर्च क्यों बढ़ गया ?
(A) नौकरों के कारण        
(B) आलसियों के कारण       
(C) मुर्खों के कारण      
(D) धूर्तों के कारण

20. अलसशाला में धन के अधिक खर्च को देखकर नियोगी पुरुष ने क्या किया ?
(A) आलसियों को भगा दिया     
(B) धूर्तों को भगा दिया        
(C) आलसियों की परीक्षा ली      
(D) इनमें से कोई नहीं

21. अलसशाला में आग क्यों लगाई गई?
(A) आलसियों को भगाने के लिए    
(B) आलसियों की परीक्षा के लिए        
(C) अलसशाला की संपत्ति को हड़पने के लिए       
(D) अलसशाला का खर्च कम करने के लिए

22. आलसियों की परीक्षा किसने ली?
(A) नियोगी पुरूष ने       
(B) वीरेश्वर ने        
(C) विद्यापति ने   
(D) इनमें से कोई नहीं

23. घर में लगी आग को देखकर कौन लोग पलायन कर गए (भाग गए) ?
(A) आलसी लोग                   
(B) समझदार लोग        
(C) फुर्तीले लोग                    
(D) धूर्त लोग

24. अलसशाला में आग लगने पर भी कितने लोग नहीं भागे ?
(A) तीन         
(B) पाँच         
(C) चार          
(D) छः

25. ‘कोऽपि तथा धार्मिको नास्ति … कटैर्वास्मान् प्रावृणोति?’ ऐसा किसने कहा ?
(A) पहले आलसी ने                
(B) दूसरे आलसी ने        
(C) तीसरे आलसी ने               
(D) चौथे आलसी ने

26. अलसकथा पाठ में ‘अहो कथं कोलाहलः?’ किस आलसी का कथन है?
(A) पहले आलसी ने               
(B) दूसरे आलसी ने        
(C) तीसरे आलसी ने               
(D) चौथे आलसी ने

27. अये वाचालाः। कति वचनानि …. तूष्णी कथं न तिष्ठथ? यह किस आलसी ने कहा?
(A) पहले आलसी ने               
(B) दूसरे आलसी ने        
(C) तीसरे आलसी ने               
(D) चौथे आलसी ने

28. “तर्कयते यदस्मिन् गृहे अग्निर्लग्नोऽस्ति।” अलसकथा पाठ में यह किस आलसी की उक्ति है?
(A) प्रथम        
(B) द्वितीय       
(C) तृतीय         
(D) चतुर्थ

29. क्या देखकर सभी धूर्त लोग भाग गए?
(A) अग्नि         
(B) जल          
(C) साँप         
(D) प्रेत

30. वास्तविक आलसियों की संख्या कितनी थी?
(A) तीन         
(B) पाँच          
(C) चार         
(D) छः

31. आलसियों की परीक्षा के लिए अलसशाला में आग किसने लगाई?
(A) अलसशाला के कर्मचारियों ने   
(B) मंत्री वीरेश्वर ने        
(C) विद्यापति ने        
(D) आलसियों ने

32. अलसशाला में आग कब लगाई गई?
(A) जब सब झगड़ रहे थे     
(B) जब सब खेल रहे थे        
(C) जब सब सो रहे थे    
(D) जब सब भोजन कर रहे थे

33. चारों आलसियों को कैसे बाहर निकाला गया?
(A) पैर पकड़कर   
(B) हाथ पकड़कर        
(C) बाँह पकड़कर    
(D) केस पकड़कर

34. नियोगी पुरुष ने कितने आलसियों को बाहर किया?
(A) 3            
(B) 4              
(C) 5            
(D) 7

35. संसार में बच्चों का सच्चा रक्षक कौन है?
(A) माता        
(B) पिता          
(C) भाई          
(D) बहन

36. इस संसार में आलसियों को शरण देने वाले और रक्षा करने वाले कौन है?
(A) माता       
(B) पिता        
(C) कारुणिक       
(D) धनवान

37. चारों आलसियों को किसने अलसशाला से बाहर निकाला?
(A) नियोगी पुरुष ने  
(B) वीरेश्वर ने        
(C) विद्यापति ने  
(D) इनमें से कोई नहीं

38. इस संसार में आलसियों की गति किन पर निर्भर करती है?
(A) माता पर       
(B) दयावान पर        
(C) धार्मिकों पर   
(D) बुद्धिमान पर

39. स्त्रियों की गति किनसे होती है?
(A) पति से      
(B) भाई से       
(C) माता से      
(D) पिता से

40. कारुणिकों (दयावानों) के बिना किसकी गति नहीं होती है?
(A) धूर्त की    
(B) आलसी की        
(C) परोपकारी की  
(D) विद्वान की

41. पहले आलसी ने क्या कहा?
(A) अरे यह कैसा कोलाहल (शोरगुल) है?      
(B) क्या कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं है?        
(C) लगता है कि घर में आग लग गई है।       
(D) अरे वाचाल ! कितना बोलते हो?

42. दूसरे आलसी ने क्या कहा?
(A) अरे यह कैसा कोलाहल (शोरगुल) है?      
(B) क्या कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं है?        
(C) लगता है कि घर में आग लग गई है।       
(D) अरे वाचाल ! कितना बोलते हो?

43. तीसरे आलसी ने क्या कहा?
(A) अरे यह कैसा कोलाहल (शोरगुल) है?      
(B) क्या कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं है?        
(C) लगता है कि घर में आग लग गई है।       
(D) अरे वाचाल ! कितना बोलते हो?

44. चौथे आलसी ने क्या कहा?
(A) अरे यह कैसा कोलाहल (शोरगुल) है?      
(B) क्या कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं है?        
(C) लगता है कि घर में आग लग गई है।       
(D) अरे वाचाल ! कितना बोलते हो?

45. आलसियों को प्रतिदिन उनकी इच्छानुसार भोजन कौन दिलवाता था?
(A) विद्यापति      
(B) वीरेश्वर      
(C) विष्णु शर्मा     
(D) सुरेश्वर

46. इस संसार में आलसियों का रक्षक कौन है?
(A) माता        
(B) पिता         
(C) कारुणिक       
(D) धार्मिक

47. पतिरेव गतिः …… बालानां जननी गतिः। यहाँ रिक्त स्थान में कौन-सा पद होगा ?
(A) अलसानाम्    
(B) स्त्रीणां     
(C) बालकानां     
(D) वृद्धानाम्

48. नीतिकार किसे शत्रु मानते हैं?
(A) क्षमा को     
(B) लोभ को   
(C) आलस्य को   
(D) क्रोध को

49. दानशील कौन था?
(A) तपेश्वर      
(B) वीरेश्वर        
(C) महेश्वर       
(D) भुवनेश्वर

50. “पतिरेव गतिः स्त्रीणां ……. काचिल्लोके कारुणिकं विना।।” यह किस पाठ से संकलित है ?
(A) अलसकथा      
(B) संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः        
(C) पाटलिपुत्र वैभवम्     
(D) व्याघ्रपथिक कथा

51. स्त्रियों का रक्षक कौन होता है?
(A) पति        
(B) भाई          
(C) बहन        
(D) पिता

52. मैथिली भाषा के कवि कौन थे? अथवा मैथिली कोकिल के नाम से कौन प्रसिद्ध था?
(A) कालिदास                      
(B) विद्यापति        
(C) विष्णु शर्मा                     
(D) नारायण पंडित

53. अलसकथा पाठ में किस दोष का निरूपण किया गया है?
(A) आलस्य      
(B) निद्रा      
(C) क्रोध        
(D) दीर्घसूत्रता

54. “सजातीनां …… दृष्ट्वा के न धावन्ति जन्तवः।।” इस पद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा पद होगा ?
(A) दुःखम्      
(B) सुखम्        
(C) निधनम्       
(D) अभावम्

55. जलती हुई अलसशाला में चारों आलसी क्या कर रहे थे?
(A) खा रहे थे।          
(B) आपस में झगड़ रहे थे।
(C) सो रहे थे।   
(D) परस्परालाप कर रहे थे।

56. वीरेश्वर कैसा मंत्री था?
(A) दयालु      
(B) ईमानदार      
(C) क्रूर        
(D) दुष्ट

57. जब अलसशाला में आग लगी तब कौन भाग गया?
(A) आलसी   
(B) अलसशाला का कर्मचारी   
(C) धूर्त   
(D) मंत्री

58. मिथिला में वीरेश्वर कौन थे?
(A) मंत्री        
(B) राजा         
(C) सिपाही        
(D) दरबारी

विषयनिष्ठ प्रश्न (Subjective Answer Questions)

1. विद्यापति कौन थे ? उन्होंने किस ग्रंथ की रचना की है ?
उत्तर — विद्यापति एक लोकप्रिय मैथिलीकवि थे। उन्होंने पुरुषपरीक्षा नामक ग्रंथ की रचना की है। इस ग्रंथ में कथाओं के द्वारा मानव के विभिन्न प्रकार के गुणों के महत्व का वर्णन किया गया है और विभिन्न प्रकार के दोषों के निराकरण की शिक्षा दी गई है।

2. ‘अलसकथा’ पाठ के लेखक कौन है? इस पाठ में किसकी कहानी है ?
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ के लेखक विद्यापति है। इस पाठ में आलस्य नामक दोष एवं आलसी व्यक्तियों की कहानी है।

3. ‘अलसकथा’ पाठ में किसका वर्णन है ?
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ में आलस्य नामक दोष का वर्णन किया गया है। यह चार आलसी व्यक्तियों की कहानी है। इस कथा के द्वारा आलस्य के निराकरण की शिक्षा दी गई है।

4. वीरेश्वर कौन था ? उनका स्वभाव कैसा था ?
उत्तर — वीरेश्वर मिथिला के मंत्री थे। वह स्वभाव से दानी और दयालु थे। वह प्रतिदिन संकटग्रस्तों और अनाथों को उनकी इच्छा अनुसार भोजन दिलवाते थे। उनमें से आलसियों को वह अन्न तथा वस्त्र भी दिलवाते थे।

5. मंत्री वीरेश्वर के चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर — मिथिला के मंत्री वीरेश्वर दानी और दयालु स्वभाव वाले व्यक्ति थे। वह प्रतिदिन संकटग्रस्तों और अनाथों को उनकी इच्छा अनुसार भोजन दिलवाते थे। उनमें से आलसियों को वह अन्न तथा वस्त्र भी दिलवाते थे।

6. कौन प्रतिदिन आलसियों को उनकी इच्छानुसार भोजन और वस्त्र देते थे ?
उत्तर — मिथिला के मंत्री वीरेश्वर प्रतिदिन आलसियों को उनकी इच्छानुसार भोजन और वस्त्र देते थे।

7. आलसी कौन है ?
उत्तर — अलसकथा पाठ के अनुसार आलसी वैसे मनुष्य है जो भले ही भूखे रह जाए परन्तु कोई काम नहीं करते हैं। ऐसे मनुष्य संकट के समय अपनी रक्षा भी नहीं कर पाते हैं।

8. निर्गतियों और अनाथों में आलसी को प्रथम क्यों माना गया है ?
उत्तर — आलसियों को छोड़कर बाकी अन्य निर्गति और अनाथ लोग अपने जीवनयापन के लिए कुछ-न-कुछ काम जरूर करते हैं। जो इसमें सक्षम नहीं होते हैं, वे भिक्षा मांग कर अपना पेट भरते हैं। परंतु आलसी वैसे प्राणी है, जो भले ही भूखे रह जाए परन्तु कोई काम नहीं करते हैं। ऐसे मनुष्य संकट के समय अपनी रक्षा भी नहीं कर पाते हैं। इसीलिए निर्गतियों और अनाथों में आलसी को प्रथम माना गया है।

9. ‘अलसकथा’ पाठ में किस दोष का वर्णन है ?
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ में आलस्य नामक दोष का वर्णन किया गया है और इसके निराकरण की शिक्षा दी गई है।

10. ‘अलसकथा’ पाठ में किस पर चर्चा की गई है ?
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ में आलस्य नामक दोष पर चर्चा की गई है और इसके निराकरण की शिक्षा दी गई है।

11. अलसशाला का खर्च क्यों बढ़ गया ?
उत्तर — आलसियों के सुख को देखकर बहुत सारे धूर्त लोग भी बनावटी आलस्य धारण कर अलसशाला में भोजन ग्रहण करने लगे। इसके परिणामस्वरूप अलसशाला का खर्च बढ़ गया।

12. अलसशाला में धन का खर्च बढ़ जाने पर अलसशाला के कर्मचारियों ने क्या किया ?
उत्तर — अलसशाला में धन का खर्च बढ़ जाने पर अलसशाला के कर्मचारियों ने आलसियों की परीक्षा ली। उन्होंने रात्रि में अलसशाला में आग लगवा दिया और सोये हुए आलसियों का निरीक्षण किया। आग देखकर सभी धूर्त्त और कम आलसी लोग भाग गए। परन्तु चार लोग, जो वास्तविक आलसी थे, नहीं भागे और अलसशाला में ही लेटे हुए वार्तालाप करने लगे।

13. अलसशाला के कर्मियों ने आलसियों की परीक्षा क्यों ली ?
उत्तर — अलसशाला में धूर्त लोग भी बनावटी आलस्य धारण कर अलसशाला में भोजन ग्रहण करने लगे थे। जिसके परिणामस्वरूप अलसशाला में धन का खर्च बढ़ गया था। अतः वास्तविक आलसियों की पहचान के लिए अलसशाला के कर्मियों ने आलसियों की परीक्षा ली।

14. अलसशाला में आग क्यों लगाई गई ?
उत्तर — आलसियों की परीक्षा लेने तथा वास्तविक आलसियों की पहचान के लिए अलसशाला में आग लगाई गई।

15. अलसशाला में आग लगने पर क्या हुआ ?
उत्तर — अलसशाला में आग लगने पर सभी धूर्त्त लोग भाग गए। बाद में, जो कम आलसी थे वे भी भाग गए। परंतु आग लगा देखकर भी चार व्यक्ति नहीं भागे और लेटे हुए ही आपस में बात करने लगे। जब आग चारों तरफ फैल गया, तब वहाँ नियुक्त पुरूषों ने चारों आलसियों को केस पकड़ कर घर से बाहर निकाला।

16. चारों आलसियों के वार्तालाप (संवाद) को अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर — अलसशाला में आग लगा देखकर भी चार पुरुष नहीं भागे और वहाँ पर सोये हुए आपस में बातचीत करने लगे। एक कपड़ा से मुँह ढके हुए ही बोला कि अरे! यह कैसा कोलाहल हो रहा है? तो दूसरा बोला कि लगता है, हमारे घर में आग लग गयी है। तीसरा बोला कि कोई भी धार्मिक व्यक्ति नहीं है जो इस समय जल से भींगे हुए वस्त्रों या चटाइयों से हमे ढँक दे? इस पर चौथा गुस्से से बोला- ऐ वाचालों (बातूनी)! क्यों इतना बोलते हो? तुम चुप क्यों नहीं रहते?

17. ‘अलसकथा’ पाठ के आधार पर बताइए कि आलसी पुरूषों को किसने और क्यों निकाला ?
उत्तर — आलसियों के परस्पर वार्तालाप को सुनकर और अलसशाला में चारों तरफ आग फैल कर उन आलसी पुरूषों पर गिरता देखकर उनकी जीवन रक्षा के लिए अलसशाला के कर्मचारियों ने चारों आलसी पुरूषों को केस पकड़ कर घर से बाहर निकाला। क्योंकि ये चारों आलसी न तो अलसशाला से बाहर आ रहे थे और न ही आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे।

18. अलसशाला के कर्मियों ने आलसियों को आग से कैसे और क्यों निकाला ?
उत्तर — अलसशाला के कर्मियों ने चारों आलसियों को उनके केस पकड़ कर आग से बाहर निकाला। क्योंकि ये चारों आलसी न तो अलसशाला से बाहर आ रहे थे और न ही आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। यदि उन्हें वैसे ही छोड़ दिया जाता तो वे आग में झुलस कर मर जाते।

19. ‘अलसकथा’ पाठ में वास्तविक आलसियों की पहचान कैसे हुई ?
उत्तर — अलसकथा’ पाठ में वास्तविक आलसियों की पहचान अलसशाला के कर्मियों द्वारा आलसियों की परीक्षा लेने के बाद हुई। उन्होंने आलसियों के सो जाने पर अलसशाला में आग लगवा दिया। आग देखकर सभी धूर्त्त और कम आलसी लोग भाग गए। परन्तु चार लोग, जो वास्तविक आलसी थे, नहीं भागे और अलसशाला में ही आपस में बातचीत करने लगे।

20. मिथिला के मंत्री कौन थे? उन्होंने कृत्रिम आलसियों की परीक्षा कैसे ली ?
उत्तर — मिथिला के मंत्री का नाम वीरेश्वर था। वह प्रतिदिन संकटग्रस्तों और अनाथों को उनकी इच्छा अनुसार भोजन कराते थे। साथ ही वह आलसियों को अन्न और वस्त्र देते थे। आलसियों की परीक्षा के लिए उनके अलसशाला के कर्मियों ने आलसियों के सो जाने पर अलसशाला में आग लगवा दिया। आग देखकर पर सभी कृत्रिम आलसी भाग गए। परन्तु चार लोग, जो वास्तविक आलसी थे, नहीं भागे और अलसशाला में ही आपस में बातचीत करने लगे।

21. ‘अलसकथा’ पाठ की विशेषताओं का वर्णन अपने शब्दों में करें।
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ में आलस्य नामक दोष का वर्णन किया गया है और इसके निराकरण की शिक्षा दी गई है। इस पाठ का अध्ययन करने से हमें पता चलता है कि आलस्य एक महान शत्रु है। आलसी व्यक्ति अपनी भूख शांत करने के लिए भी कुछ नहीं करता, यहाँ तक कि अपनी जान बचाने का प्रयास भी नहीं करता है।

22. ‘अलसकथा’ पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि आलस्य एक महान शत्रु है। यह पाठ संदेश देता है कि आलसी व्यक्ति अपने जीवन में कुछ नहीं कर सकता है। आलसियों का जीवन दयावनों पर निर्भर करता है। इस पाठ से हमें आलस्य दोष को दूर करने की शिक्षा मिलती है।

23. अलसकथा का संदेश क्या है ?
उत्तर — अलसकथा का संदेश यही है कि आलस्य एक महान शत्रु है। हमें इस दोष से बचना चाहिए। क्योंकि इस दोष से ग्रसित व्यक्ति अपने जीवन में कुछ नहीं कर सकता है। संकट के समय वह अपनी रक्षा भी नहीं कर पाता। इनका जीवन दयावनों पर निर्भर करता है। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि आलसियों का जीवन पशुओं से भी निम्न होता है।

24. ‘अलसकथा’ का सारांश लिखें।
अथवा, ‘अलसकथा’ पाठ की कहानी को संक्षेप में लिखें।
उत्तर — ‘अलसकथा’ पाठ के लेखक विद्यापति है। इसमें आलस्य नामक दोष का निरूपण किया गया है और आलस्य के निराकरण की शिक्षा दी गई है। वीरेश्वर मिथिला के मंत्री थे। वे प्रतिदिन संकटग्रस्तों और अनाथों को उनकी इच्छा अनुसार भोजन कराते थे। साथ ही वह आलसियों को भी अन्न और भोजन देते थे। आलसियों को मिलने वाली वस्तुओं को देखकर धूर्त लोग भी बनावटी आलस्य धारण कर अलसशाला में भोजन ग्रहण करने लगे। इससे अलसशाला में धन का खर्च बढ़ गया। इसके बाद नियोगी पुरूष ने आलसियों की परीक्षा लेने के लिए उनके सोये अवस्था में अलसशाला के चारों ओर आग लगवा दिया। अलसशाला में आग लगा देखकर सभी धूर्त्त लोग भाग गए परन्तु चार आलसी नहीं भागे और सोये हुए ही आपस में बात करने लगे। अलसशाला के चारों तरफ आग फैल जाने पर और आलसियों के परस्पर वार्तालाप को सुनकर नियोगी पुरूष ने चारों आलसियों को केस पकड़ कर घर से बाहर निकाला। इसके पश्चात् मंत्री द्वारा चारों आलसियों को पहले से अधिक धन दिया जाने लगा।

– : समाप्त : –

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