BSEB Class 10th संस्कृत अध्याय 1 “मंगलम्”

BSEB Class 10th Sanskrit : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal) आपके लिए लाया है Class 10th संस्कृत अध्याय 1 “मंगलम” का Objective & Subjective Answer Questions

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

1. उपनिषदों के रचनाकार कौन है?
(A) महात्मा विदुर      
(B) महर्षि वेदव्यास  
(C) नारायण पंडित  
(D) चाणक्य

2. उपनिषद किस सिद्धांत को प्रकट करता है?
(A) बौद्ध सिद्धांत को    
(B) जैन सिद्धांत को
(C) दर्शनशास्त्र सिद्धांत को 
(D) सांख्य सिद्धांत को

3. मंगलम् पाठ के रचनाकार कौन हैं?
(A) महात्मा विदुर     
(B) महर्षि वेदव्यास  
(C) नारायण पंडित  
(D) चाणक्य

4. उपनिषद किसका अंतिम भाग है?
(A) रामायण का      
(B) महाभारत का  
(C) वैदिक वाङ्गय का    
(D) आधुनिक साहित्य का

5. उपनिषदों में किसकी महिमा बताई गई है?
(A) देवता की         
(B) परपुरुष की
(C) परमपुरुष की   
(D) ब्राह्मण की

6. मङ्गलम् पाठ में कितने मंत्र (पद्य) संकलित हैं?
(A) चार  
(B) पाँच    
(C) छः  
(D) आठ

7. मङ्गलम् पाठ को कहाँ से संकलित किया गया है?
(A) वेदों से     
(B) पुराणों से      
(C) उपनिषदों से     
(D) वाङ्गय से

8. सत्य का मुँह किस पात्र से ढँका हुआ है?
(A) हिरण्यमय पात्र से   
(B) रजतमय पात्र से
(C) मृण्मय पात्र से    
(D) ताम्रमय पात्र से

9. “हिरण्यमयेन पात्रेण दृष्टये ॥” यह मंत्र किस उपनिषद से उद्धृत है?
(A) ईशावास्योपनिषद् में     
(B) कठोपनिषद् में    
(C) मुण्डकोपनिषद् में      
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् में

10. सत्य और धर्म की प्राप्ति के लिए किसे हटा देना चाहिए?
(A) हिरण्यमय पात्र को
(B) रजतमय पात्र को
(C) मृण्मय पात्र को   
(D) ताम्रमय पात्र को

11. “अणोरणीयान महतो महिमानमात्मनः॥” यह मंत्र किस उपनिषद से संगृहीत है?
(A) ईशावास्योपनिषद् में     
(B) कठोपनिषद् में    
(C) मुण्डकोपनिषद् में   
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् में

12. जंतुओं/प्राणियों की हृदय रूपी गुफा में किसका निवास होता है?
(A) परमात्मा का    
(B) आत्मा का      
(C) प्रेम का         
(D) मन का

13. अणु से भी अणु कौन है?
(A) परमात्मा      
(B) आत्मा       
(C) मन       
(D) इनमें से कोई नहीं

14. सूक्ष्म से भी सूक्ष्म कौन है?
(A) परमात्मा      
(B) आत्मा       
(C) मन          
(D) इनमें से कोई नहीं

15. महान से भी महान क्या है?
(A) परमात्मा        
(B) आत्मा         
(C) संसार          
(D) शरीर

16. जीव आत्मा शोकरहित होकर कहाँ विलीन हो जाती है?
(A) परमात्मा में    
(B) आत्मा में      
(C) मन में         
(D) समुद्र में

17. कौन शोकरहित होकर परमात्मा में विलीन हो जाती है?
(A) परमात्मा      
(B) आत्मा         
(C) मन        
(D) इनमें से कोई नहीं

18. “सत्यमेव जयते नानृतं ….. यत्र तत् सत्यस्य परं निधानम्॥” को किस उपनिषद् से लिया गया है?
(A) ईशावास्योपनिषद् में
(B) कठोपनिषद् में    
(C) मुण्डकोपनिषद् में 
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् में

19. “सत्यमेव जयते” मूलमंत्र को किस उपनिषद् से लिया गया है? अथवा, “सत्यमेव जयते” किस उपनिषद् से संकलित है?
(A) ईशावास्योपनिषद् में    
(B) कठोपनिषद् में    
(C) मुण्डकोपनिषद् में
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् में

20. किसकी विजय होती है?
(A) परमात्मा की   
(B) आत्मा की     
(C) सत्य की       
(D) असत्य की

21. किसकी विजय (जीत) नहीं होती है?
(A) धर्म की        
(B) शक्ति की       
(C) सत्य की        
(D) असत्य की

22. देवलोक में किसका खजाना है?
(A) धन का        
(B) धर्म का         
(C) सत्य का        
(D) ज्ञान

23. ऋषिगण अपने आत्म कल्याण के लिए किस मार्ग का अनुसरण करते हैं?
(A) सत्य का       
(B) धर्म का         
(C) अधर्म का       
(D) असत्य का

24. सत्य का खजाना कहाँ है?
(A) इहलोक में   
(B) देवलोक में   
(C) विष्णुलोक में   
(D) शिवलोक में

25. देवलोक का मार्ग किससे प्रशस्त होता है?
(A) सत्य का      
(B) धर्म का        
(C) अधर्म का         
(D) असत्य का

26. “यथा नद्यः स्यन्दमानाः पुरुषमुपैति दिव्यम् ॥” को किस उपनिषद् से लिया गया है?
(A) ईशावास्योपनिषद् से      
(B) कठोपनिषद् से    
(C) मुण्डकोपनिषद् से   
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् से

27. “वेदाहमेतम् पुरुषं विद्यतेऽयनाय ॥” मंत्र किस उपनिषद् से लिया गया है?
(A) ईशावास्योपनिषद् से  
(B) कठोपनिषद् से    
(C) मुण्डकोपनिषद् से  
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् से

28. प्रवाहित होती हुई नदियाँ अपने नाम और रूप को छोड़कर किस में मिल जाती है?
(A) मानसरोवर में   
(B) तालाब में     
(C) समुद्र में        
(D) झील में

29. कौन अपने नाम और रूप को छोड़कर समुद्र में मिल जाती हैं?
(A) नदियाँ          
(B) आत्मा       
(C) विद्वान           
(D) झरना

30. कौन अपने नाम और रूप को छोड़कर परमात्मा में मिल जाते हैं?
(A) नदियाँ          
(B) आत्मा         
(C) विद्वान           
(D) झरना

31. ‘वेदाहमेतम् …… महान्तम्।’ इस पद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा पद होगा?
(A) पुरुषम्         
(B) वर्णम्        
(C) तम्              
(D) मृत्युम्

32. तमस् के बाद परमात्मा किस रुप में रहते हैं?
(A) धर्म            
(B) ज्ञान         
(C) आदित्यवर्ण       
(D) निराकार

33. मङ्गलम् पाठ में कैसे मंत्र हैं?
(A) गद्यात्मक    
(B) पद्यात्मक
(C) गद्यात्मक और पद्यात्मक दोनों 
(D) इनमें से कोई नहीं

34. यह संपूर्ण संसार किसके द्वारा अनुशासित है?
(A) परमात्मा  
(B) आत्मा      
(C) साहित्य   
(D) इनमें से कोई नहीं

35. आत्मा किसकी गुफा में निवास करती है?
(A) पर्वतीय गुफा में  
(B) कृत्रिम गुफा में
(C) जंगली गुफा में  
(D) जीवों के हृदय रूपी गुफा में

36. विद्वान अपने नाम-रूप से विमुक्त होकर किसमें मिल जाते हैं?
(A) परमात्मा में      
(B) आत्मा में       
(C) समुद्र में         
(D) अनंत में

37. छोटे से भी छोटा और बड़े से भी बड़ा क्या है?
(A) ईश्वर           
(B) आत्मा            
(C) शरीर              
(D) मन

38. नदियाँ समुद्र में कैसे मिलती है?
(A) नाम को छोड़कर  
(B) रूप को छोड़कर
(C) नाम और रूप के साथ   
(D) नाम और रूप को छोड़कर

39. आत्मा के गूढ़ रहस्य की व्याख्या कहाँ की गई है?
(A) ईशावास्योपनिषद् में   
(B) कठोपनिषद् में    
(C) मुण्डकोपनिषद् में 
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् में

40. सत्य की महिमा का वर्णन किस उपनिषद् में की गई है?
(A) ईशावास्योपनिषद् में   
(B) कठोपनिषद् में    
(C) मुण्डकोपनिषद् में  
(D) श्वेताश्वरोपनिषद् में

41. अणोरणीयान् …… महीयान् पद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा पद होगा?
(A) महतो  
(B) जगतो  
(C) जन्तो:           
(D) विततो

42. सत्य का मुख किससे ढँका है?
(A) असत्य से   
(B) हिरण्यमय पात्र से    
(C) स्वार्थ से   
(D) अशांति से

43. विद्वान किस प्रकार परमात्मा में विलीन हो जाते हैं?
(A) नाम को छोड़कर   
(B) रूप को छोड़कर
(C) नाम और रूप के साथ  
(D) नाम और रूप को छोड़कर

44. स्वर्णमय पात्र से किसका मुँह ढँका हुआ है?
(A) कलश का  
(B) सत्य का   
(C) घर का   
(D) धर्म का

विषयनिष्ठ प्रश्न (Subjective Answer Questions)

1. उपनिषदों का मूल उद्देश्य क्या है ?
उत्तर —
उपनिषद वैदिक वाङ्गय के अंतिम भाग है। उपनिषदों में परमपुरूष परमात्मा की महिमा बताई गई है। इनका मूल उद्देश्य परमात्मा की महिमा बताना और सत्य का ज्ञान कराना है।

2. हिरण्यमय पात्र से कौन ढंका है ? ईश्वर से इस पात्र को हटाने की प्रार्थना क्यों की गई है ?
उत्तर —
हिरण्यमय पात्र से सत्य का मुख ढंका है। सत्य और धर्म तत्त्व की प्राप्ति के लिए ईश्वर से इस पात्र को हटाने की प्रार्थना की गई है।

3. मङ्गलम् पाठ के आधार पर सत्य का स्वरूप बताएँ ?
उत्तर —
मङ्गलम् पाठ के प्रथम श्लोक में सत्य के स्वरूप का वर्णन किया गया है। सत्य का मुख सोने जैसे ज्योतिर्मय पात्र से ढका हुआ है। इस पात्र से आती तीव्र ज्योती के कारण हमें सत्य दिखाई नहीं देता है। इसलिए सत्य और धर्म की प्राप्ति के लिए ईश्वर से सत्य के द्वार पर लगे इस हिरण्यमय (सोने जैसे) ज्योतिर्मय पात्र को हटा देने की प्रार्थना की गई है।

4. “मङ्गलम्” पाठ के आधार पर आत्मा के स्वरूप का वर्णन करें।
उत्तर —
“मङ्गलम्” पाठ के दुसरे श्लोक में आत्मा के स्वरूप का वर्णन किया गया है। इस श्लोक में आत्मा के स्वरूप के बारे में यह बताया गया है कि आत्मा सूक्ष्म से भी सूक्ष्म और महान से भी महान है। यह प्राणियों के हृदय रूपी गुफा में निवास करती है। जीवों की आत्मा शोकरहित होकर अंततः परमात्मा में विलीन हो जाती है।

5. आत्मा का स्वरूप कैसा है और वह कहाँ रहती है ?
उत्तर —
आत्मा का स्वरूप सूक्ष्म से भी सूक्ष्म और महान से भी महान है। यह आत्मा प्राणियों के हृदय रूपी गुफा में निवास करती है। अंततः यह शोकरहित होकर परमात्मा में विलीन हो जाती है।

6. मङ्गलम् पाठ के आधार पर सत्य की महत्ता का वर्णन करें।
उत्तर —
महर्षि वेदव्यास ने सत्य की महत्ता का वर्णन करते हुए लिखा है कि सदा सत्य की विजय होती है, असत्य की नहीं। सत्य से ही परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त होता है। देवलोक में सत्य का खजाना है। अतः ऋषि गण अपने आत्म-कल्याण के लिए सत्य के मार्ग का अनुसरण कर परमात्मा को प्राप्त करते हैं।

7. नदियाँ किस प्रकार से समुद्र में जाकर मिल जाती है ?
उत्तर —
बहती हुई नदियाँ अपने नाम और रूप अर्थात अपने अस्तित्व का त्याग करके समुद्र में जाकर मिल जाती है।

8. विद्वान क्या छोड़कर परमात्मा के पास जाते हैं ?
उत्तर —
विद्वान अपने नाम और रूप अर्थात अपने अस्तित्व को छोड़कर परमात्मा के पास जाते हैं।

9. नदी और विद्वान में क्या समानता है ?
उत्तर —
बहती हुई नदियाँ अपने नाम और रूप अर्थात अस्तित्व को छोड़कर समुद्र में मिल जाती है। ठीक उसी प्रकार विद्वान लोग अपने नाम और रूप अर्थात अस्तित्व को छोड़कर परमात्मा में विलीन हो जाते हैं। नदी और विद्वान में यही समानता है।

10. महान लोग संसार रूपी सागर को कैसे पार करते हैं ?
उत्तर —
अंधकार के उस पार सूर्य के वर्ण वाले (अर्थात प्रकाशमान) परमपुरुष परमात्मा रहते हैं। ऐसा जानने वाले महान लोग मृत्यु पर भी विजय प्राप्त कर लेते है, अर्थात वे इस संसार रूपी सागर को पार करते हैं। इसके अलावा संसार रूपी सागर को पार करने का कोई मार्ग नहीं है।

11. मृत्यु पर विजय कैसे प्राप्त किया जा सकता है ?
उत्तर —
अंधकार के उस पार सूर्य के वर्ण वाले (अर्थात प्रकाशमान) परमपुरुष परमात्मा रहते हैं। मृत्यु के बाद आत्मा उस परमात्मा में विलीन हो जाती है। ऐसा जानकर मृत्यु पर विजय प्राप्त किया जा सकता है।

12. विद्वान मृत्यु को कैसे पराजित करते हैं ?
उत्तर —
अंधकार के उस पार सूर्य के वर्ण वाले (अर्थात प्रकाशमान) परमपुरुष परमात्मा रहते हैं। मृत्यु के बाद आत्मा उस परमात्मा में विलीन हो जाती है। यह जानकार विद्वान मृत्यु को पराजित करते हैं।

13. मङ्गलम् पाठ का पाँच वाक्यों में वर्णन करें।
उत्तर —
मङ्गलम् पाठ को उपनिषदों से संकलित किया गया है जिसके रचनाकार महर्षि वेदव्यास है। इस पाठ के पहले श्लोक में सत्य के स्वरूप का वर्णन किया गया है। दुसरे श्लोक में आत्मा का स्वरूप बताया गया है। तीसरे श्लोक में सत्य की महत्ता का वर्णन करते हुए परमात्मा को प्राप्त करने का उपाय बताया गया है। चौथे श्लोक में अपने नाम और रूप को भी त्याग कर परमात्मा में मिलने की प्रेरणा दी गई है। अंतिम और पाँचवे श्लोक में मृत्यु को पराजित कर संसार रूपी सागर को पार करने का उपाय बताया गया है।

– : समाप्त : –

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