BSEB Class 10th संस्कृत अध्याय 10 “मन्दाकिनीवर्णनम्”

BSEB Class 10th Sanskrit : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal) आपके लिए लाया है Class 10th संस्कृत अध्याय 10 “मन्दाकिनीवर्णनम्” का Objective & Subjective Answer Questions

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

विषयनिष्ठ प्रश्न (Subjective Answer Questions)

1. मन्दाकिनी नदी कैसी है ?
उत्तर — मन्दाकिनी नदी रंग-बिरंगे अद्भुत तटों वाली है। यह नदी फूलों से परिपूर्ण है और हंस-सारसों से सेवित है। इसकी चमक राजाओं के राजा कुबेर के तालाब की तरह है।

2. किस कारण से मंदाकिनी का जल कलुषित हो गया था?
उत्तर — मृग-समूहों द्वारा मंदाकिनी नदी का पानी पीने के कारण से इसका जल कलुषित हो गया था। यह कलुषित जल श्रीराम के मन में रमणीय तीर्थों के प्रति अनुराग उत्पन्न कर रहा था।

3. मंदाकिनी का कैसा जल श्रीरामचन्द्रजी के मन को आकर्षित कर रहा है?
उत्तर — मृग-समूहों द्वारा मंदाकिनी नदी का पानी पीने के कारण से इसका जल कलुषित हो गया है। मंदाकिनी का यह कलुषित श्रीरामचन्द्रजी के मन को आकर्षित कर रहा है और उनके मन में रमणीय तीर्थों के प्रति अनुराग उत्पन्न कर रहा है।

4. मंदाकिनी नदी में कौन स्नान कर इसकी महानता बढ़ाते हैं ?
उत्तर — जटा धारण करने वाले और मृगचर्म एवं पेड़ की छाल को वस्त्र के रूप में धारण करने वाले ऋषिगण मंदाकिनी नदी के निर्मल जल में स्नान कर इसकी महानता बढ़ाते हैं।

5. मन्दाकिनी के जल में कैसे ऋषिगण स्नान कर रहे हैं ?
उत्तर — जटा एवं मृगचर्म धारण करने वाले और पेड़ की छाल को वस्त्र के रूप में धारण करने वाले ऋषिगण मंदाकिनी नदी के निर्मल जल में स्नान करते हैं और इसकी महानता को बढ़ाते हैं।

6. पर्वत नाचता हुआ क्यों प्रतीत हो रहा है ?
उत्तर — मंदाकिनी नदी चारों ओर फैले हुए फूलों, पत्तियों से लदे पौधे लगे हुए है। जब तेज हवाएँ इन्हें उड़ाती हैं, तो पर्वतों की चोटियाँ ऊपर उड़ती हुई और नृत्य करती हुई प्रतीत होती हैं। इसलिए पर्वत नाचता हुआ प्रतीत हो रहा है। इससे इस नदी की शोभा अतिसुंदर और आकर्षक हो जाती है।

7. चकवा पक्षी मन्दाकिनी की शोभा किस प्रकार बढ़ा रहे हैं ?
उत्तर — चकवा पक्षी अपनी मधुर आवाज से मन्दाकिनी की शोभा बढ़ा रहे हैं।

8. ‘मंदाकिनीवर्णनम्’ पाठ में श्रीरामचन्द्र जी ने सीता जी को किन-किन सम्बोधनों से सम्बोधित किया है?
उत्तर — ‘मंदाकिनीवर्णनम्’ पाठ में श्रीरामचन्द्र जी ने सीताजी को सीते, प्रिये, विशालाक्षि, कल्याणि, शोभने इत्यादि कह कर सम्बोधित किया है।

9. अति संक्षेप में मंदाकिनी नदी का वर्णन करें।
उत्तर — चित्रकूट पर्वत के समीप स्थित मंदाकिनी नदी प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। रंग-बिरंगे अद्भुत तटों वाली यह नदी फूलों से परिपूर्ण है और हंस-सारसों से सेवित है। मणि जैसे निर्मल जल वाली यह नदी कुबेर के तलाब की भाँति चमक रही है। चकवा पक्षी अपनी मधुर आवाज से मंदाकिनी नदी की शोभा बढ़ा रहे हैं। ऋषिगण मंदाकिनी नदी में स्नान कर इसकी महानता को बढ़ा रहे हैं।

10. श्रीराम के प्रकृति सौंदर्य बोध पर अपने विचार लिखें?
उत्तर — श्रीराम सीताजी को संबोधित कर मंदाकिनी नदी और उसके आस-पास की सुंदरता का वर्णन करते है। श्रीराम के अनुसार प्रकृति ही मनुष्य का पालन करती है। प्रकृति की सुंदरता देखकर मनुष्य का चित्त प्रसन्न होता है। अतः प्रकृति का शुद्ध होना मानव-जीवन के लिए आवश्यक है।

11. ‘मंदाकिनीवर्णनम्’ पाठ का वर्ण्य विषय क्या है ?
उत्तर — ‘मंदाकिनीवर्णनम्’ पाठ का वर्ण्य विषय मंदाकिनी नदी और उसके आस-पास की सुंदरता है। वनवास-प्रसंग के दौरान श्री राम सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट पहुँचते हैं। यहीं पर श्रीराम सीता को श्रीराम सीताजी को सम्बोधित कर मंदाकिनी नदी और उसके आस-पास की सुंदरता का वर्णन करते है।

12. मंदाकिनी की शोभा का वर्णन अपने शब्दों में करें।
उत्तर — मंदाकिनी नदी चित्रकूट पर्वत के समीप है। रंग-बिरंगे अद्भुत तटों वाली यह नदी फूलों से परिपूर्ण है और हंस-सारसों से सेवित है। मणि जैसे निर्मल जल वाली इस नदी की शोभा कुबेर के तलाब की तरह है। चकवा पक्षी अपनी मधुर आवाज से मंदाकिनी नदी की शोभा बढ़ा रहे हैं। ऋषिगण मंदाकिनी नदी में स्नान कर इसकी महानता को बढ़ा रहे हैं।

– : समाप्त : –

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top