Bihar Board Class 10th Sanskrit 2014 (Second Sitting) Previous Year Question Paper

Bihar Board Class 10th Sanskrit 2014 Question Answer : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal For Bihar Board Exams) आपके लिए लाया है Bihar Board Class 10th Sanskrit 2014 (Second Sitting) Previous Year Question Paper ।

खण्ड-‘क’ (अपठित अवबोधनम्)

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखें :

जनाः प्रायः स्वार्थरताः सन्ति। स्वोदरपूत्यै एव अहर्निशम् यतन्ते। परेषाम् उपकाराय धनं ते न वितरन्ति। परं प्रकृति सततं परोपकरता तरवः अस्मभ्यं फलानि छायां च यच्छन्ति। मेधाः सरित् च जलं दत्वा अस्मान् उपकुर्वन्ति। मेधाः स्वयं क्षारं जलं पीत्वा पृथिवौ अमृततुल्यं मधुरजलं वर्षन्ति। गावः तृणानि अपि खादित्वा अस्मभ्यं श्वेतं मधुरंकर दुग्धं ददति । इत्थं वयं पश्यामः । यत् मानवम् अतिरिच्यप्रकृतेः सर्वे पदार्था उपकाराय एव दृढ़ संकल्पाः सन्ति। केवलं विरला सत्पुरुषा एव परोपकारार्थम् जीवन्ति । सतां सम्पत्तिः अपि परेषां दुःख निवारणाय एव। लोक कलयाणाय ते सर्वस्वम् अर्पयन्ति यदि सर्वे मानवाः परोपकारिणः स्युः तर्हि धरा सुखसमृद्धि वैभवपूर्णा भवेत्। सत्यम् उक्तम् परोपकाराय हि सतां विभूतयः।

(क) एकपदेन उत्तरत-
(i) प्राचीनजनाः कीदृशाः सन्ति ?
(ii) प्रकृति सततं कीदृशी ?

(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत-
(i) यदि सर्वे मानवाः परोपकारिणः स्यु तर्हि किं भवेत् ?
(ii) मेघाः किं पीत्वा पृथिव्यै मधुरजलं वर्षन्ति ?

(ग) निर्देशानुसारम् उत्तरत-
(i) ते सर्वस्वं समर्पयन्ति अत्र ‘ते’ इति सर्वनामपदं केभ्यः प्रयुक्तम् ?
(ii) ‘सत्पुरुषा’ अस्य विशेषणं किम् ?
(iii) ‘अपकुर्वन्ति’ अस्य विलोम पदं किम् ?
(iv) ‘इत्थं वयं पश्यामः’ अत्र कर्तृपदं किम् ?

(घ) अस्य गद्यांशस्य समुचितं शीर्षक लिखत।

खण्ड-‘ख’ (रचनात्मक कार्यम्-पत्रलेखनम्)

2. अनुज प्रति लिखतं निम्नांकित पत्रं मञ्जूषायां प्रदत्तपदैः पूरयत-

                                                         छात्रावासः
                                                       15.02.2014

मंजूषा
कुशालिनः, अग्ग्रजः विषयेषु, प्रिय अनुजः, दत्तचित्रेन, अस्ति, ज्ञानम्, अभ्यासम्।

(i) ………….
शुभाशिषः।

अत्र सर्वे कुशलम् अस्ति। गृहे अपि सर्वे (ii) ……….. इति मातु पत्रेण ज्ञातम्। भवान् स्वकार्याणि (iii) ………… करोति इति ज्ञात्वा प्रसन्नः अस्मि। भवान् अद्यत्वे सङ्गतम् अपि पठनम् (iv) ………… इति ज्ञानम्। हर्षस्य विषयः सङ्गीतं तु अनुशासनस्य पर्यायः। अधिकाधिकम् (v) ……….. करोति मया इदम् अपि (vi) ……….. यत् भवान् केषुचित (viii) ……… काठिन्यम् अनुभवति। चिन्तां मा करोत। अहम अग्रिमे सप्ताहे गहम आगमिष्यामि। भवतां पाठयित्वा काठिन्यं दूरी करिष्यामि। मातृपितृचरणेषु प्रणामाः। अनुजस्य कृते शुभाशिष। भवतः (viii) …….. अवधः।

3. निम्नलिखित में से किसी एक पर संस्कृत में सात वाक्यों का अनुच्छेद लिखें :
(i) पर्यावरण-रक्षा
(ii) भारतीय संस्कृति
(iii) अस्माकं विद्यालयः
(iv) परोपकारः।

खण्ड-‘ग’ (अनुप्रयुक्त व्याकरणम्)

4. (क) ‘अप’ उपसर्ग के योग से कौन-सा शब्द बनेगा ?
(i) अपना
(ii) आहारः
(iii) अपयशः
(iv) आयोगः।

(ख) ‘परि’ उपसर्ग के योग से एक शब्द लिखें।

5. निम्नलिखित में से किन्हीं सात का अनुवाद संस्कृत में करें :
(क) गंगा का जल पवित्र है।
(ख) राम पिता का स्मरण करता है।
(ग) वह शेर से डरता है।
(घ) पं. दिनेश एक वैद्य हैं।
(ङ) पटना गंगा नदी के किनारे है।
(च) मेरा एक मित्र सुभाष है।
(छ) मैं भी संस्कृत पढूँगा।
(ज) आजकल वह गाँव में रहता है।
(झ) उसकी पत्नी शिक्षिता है।

6. (‘क) ‘बालकाः कन्दुकं क्रीडन्ति’ इस वाक्य में ‘कन्दुक’ में कौन-सी विभक्ति है ?

(ख) ‘गुरुणाम्’ किस विभक्ति का रूप है ?
(i) प्रथमा
(ii) द्वितीया
(iii) पञ्चमी
(iv) षष्ठी

(ग) ‘रामेण’ शब्द किस विभक्ति में है ? ?
(घ) ‘मुनये’ का मूल शब्द लिखें।

7. (क) ‘विष्णु + अण्’ से कौन-सा शब्द बनेगा ?
(ख) ‘सुन्दरतम्’ में कौन-सा तद्धित प्रत्यय है ?

8. (क) ‘किशोर’ का स्त्रीलिंग रूप क्या होगा ?
(ख) ‘नारी’ में कौन-सा स्त्री प्रत्यय है ?

9. (क) ‘अहनम्’ में कौन-सा लकार है ?
(i) लोट्
(ii) लङ्
(iii) लृट्
(iv) विधिलिङ्ग

(ख) ‘आप्नोति’ का मूल धातु कौन-सा है ?
(i) अप
(ii) आप
(iii) भवान्
(iv) भू

10. (क) ‘विद्यालय’ का विग्रह करें।
(ख) ‘गौरीशंकर’ कौन-सा समास है ?
(ग) ‘उपमा-उपमेय च’ सूत्र का उदाहरण दें।
(घ) ‘शाकपार्थिवः’ में कौन-सा समास है ?

11. (क) ‘ध्रुवमपाय्रेपादानम्’ सूत्र की सोदाहरण व्याख्या करें।
(ख) ‘नमः योगे चतुर्थी’ का उदाहरण दें।

12. (क) मास + ऋतुः (संधि करें।)
(ख) संसारः (सन्धि विच्छेद करें।)
(ग) ‘अ + ए’ के मेल से कौन-सा शब्द बनेगा ?
(घ) ‘प्रकृति भाव’ सन्धि का एक उदाहरण दें।

13. निम्नलिखित श्लोकों के अर्थ हिन्दी में लिखें :

(क) सुलभाः पुरुषा राजन् सततं प्रियवादिनः।
       अप्रियस्य तु पश्यस्य वक्ता श्रोता च दुर्लभः।।

(ख) सत्येन रक्ष्यते धर्मो विद्या भोगेन रक्ष्यते।
       मृजया रक्ष्यते रूपं कुलं वृत्तेन रक्ष्यते ।।

खण्ड-‘घ’ (पठित अवबोधनम्)

14. हिन्दी में उत्तर दें :
      नरक्स्य त्रिविधं द्वारं कस्यं नाशनम् ?

15. श्लोक की सप्रसंग व्याख्या करें :

      दरिद्राम्भर कौन्तेय! माप्रयच्छेश्वरे धनम्।
      व्याधितस्यौषधं पथ्यं नीरुजस्य किमौषधैः ।।

16. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दें :
(क) व्याघ्रः कीदृशः आसीत् ?
(ख) रामप्रवेशस्य ग्रामस्य नाम किं अस्ति ?

17. एकपदेन उत्तरत-
(क) गुरुगृहे शिष्यः कान् पालयन अध्ययनं करोति ?
(ख) संस्काराः मानवस्य कुत्र-कुत्र योग दानं कुर्वन्ति ?

18. निम्नलिखित गद्यांशों का अनुवाद हिन्दी में करें :
(क) पङ्के पतितं दृष्ट्वा व्याघ्रोऽवदत्- “अहह महापंके पतितोऽसि अतस्त्वामहमुत्थापयामि।

(ख) कङ्कणस्य तु लोभेन मग्नः पङ्के सुदुस्तरे।
       वृद्धव्याघ्रेण संप्राप्तः पथिकः स मृतो यथा।।

19. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखें :
(क) शास्त्रार्थ कुशला का आसीत् ?
(ख) ऋषि काः नाम किं किं सन्ति ?
(ग) चत्वारः अलसाः कै बहिस्कृता ?
(घ) के पतिष्यन्तः ?

20. ‘कर्मवीर कथा’ का सारांश लिखें।
21. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दें :

(क) जनैः कीदृशं जन्म लब्धम्।
(ख) क्षमा के हन्ति ?
(ग) मन्दाकिनी नदी कस्य पर्वतस्य निकटे प्रवहति ?
(घ) कम्पणरायस्य राज्ञी का आसीत् ?

22. ‘अलसा कथा’ पाठ के आधार पर बताइए कि आलसी पुरुषों को किसने और क्यों निकाला ?

23. (क) वेदाङ्ग कितने हैं ? उनके प्रवर्तकों एवं शास्त्रों के नाम लिखें।
(ख) शास्त्र मनुष्यों को किन-किन चीजों का बोध कराता है ?

–: समाप्त :–

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