Bihar Board Class 10th Hindi (पद्य) : अध्याय 9 “हमारी नींद — वीरेन डंगवाल”

Bihar Board Class 10th Hindi : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal For Bihar Board Exams) आपके लिए लाया है Class 10th हिंदी अध्याय 9 “हमारी नींद — वीरेन डंगवाल” का सारांश, Objectives And Subjective Answer Questions

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

1. “हमारी नींद” पाठ की कौन-सी विधा है? उत्तर — कविता
2. “हमारी नींद” कविता के कवि कौन है? उत्तर — वीरेन डंगवाल
3. वीरेन डंगवाल का जन्म कब और कहाँ हुआ था? उत्तर — 5 अगस्त 1947 को टिहरी-गढ़वाल उत्तराखंड में
4. वीरेन डंगवाल का पहला कविता संग्रह ‘इसी दुनिया में’ कब प्रकाशित हुआ था? उत्तर — 1991 में
5. वीरेन डंगवाल को किस कृति के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है? उत्तर — दुष्चक्र में स्रष्टा
6. वीरेन डंगवाल को किस कृति के लिए रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार मिला था? उत्तर — इसी दुनिया में
7. तुर्की के महाकवि नाजिम हिकमत की कविताओं के अनुवाद किसने ‘पहल पुस्तिका’ के रूप में किया था? उत्तर — वीरेन डंगवाल
8. “हमारी नींद” कविता किस काव्य संग्रह से लिया गया है? उत्तर — दुष्चक्र में स्रष्टा से
9. वीरेन डंगवाल कवि है? उत्तर — समसामयिक (समकालीन)
10. कवि के अनुसार धमाके से हुआ ? उत्तर — देवी जागरण
11. धमाके से देवी जागरण कहाँ हुआ ? उत्तर — गरीब बस्तियों में
12. मेरी नींद के दौरान कुछ इंच बढ़ गए ? उत्तर — पेड़
13. “हमारी नींद” कविता में किसके जीवन-क्रम पूरा होने की बात कही गई है? उत्तर — मक्खी की
14. कवि के अनुसार इनकार और न भूलने वाले कौन है? उत्तर — हठधर्मी लोग
15. “हमारी नींद” कविता में नींद किसका प्रतीक है? उत्तर — आलस का
16. कवि वीरेन डंगवाल के अनुसार जीवन में महत्वपूर्ण क्या है? उत्तर — संघर्ष

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Question)

Q) मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किए जाने का क्या आशय है ?
उत्तर — मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किए जाने का यही आशय है कि जिस प्रकार से मक्खी अपने जीवन-क्रम के पूरा होते ही अपने जैसे कई संतानों को जन्म देती है जिनमें कुछ दुर्घटनाओं तथा दंगे में मर जाते हैं और कुछ जीवित रह जाते हैं । ठीक उसी प्रकार से मनुष्य अपने जीवन-क्रम में कई इच्छाओं को उत्पन्न करती है जिसमें कुछ इच्छाएँ पूरी होती है तथा कुछ आर्थिक समस्याओं के कारण मन में ही दब कर रह जाते हैं ।

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