Bihar Board Class 10th Hindi (पद्य) : अध्याय 12 “मेरे बिना तुम प्रभु — रेनर मारिया रिल्के”

Bihar Board Class 10th Hindi : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal For Bihar Board Exams) आपके लिए लाया है Class 10th हिंदी अध्याय 12 “मेरे बिना तुम प्रभु — रेनर मारिया रिल्के” का सारांश, Objectives And Subjective Answer Questions

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

1. “मेरे बिना तुम प्रभु” पाठ की कौन-सी विधा है? उत्तर — कविता
2. “मेरे बिना तुम प्रभु” पाठ के रचनाकार हैं? उत्तर — रेनर मारिया रिल्के
3. रिल्के का जन्म कब तथा कहाँ हुआ था? उत्तर — 4 दिसंबर 1875 को प्राग ऑस्ट्रिया (अब जर्मनी) में
4. रिल्के के माता-पिता का नाम क्या था? उत्तर — सोफिया और जोसेफ रिल्के
5. “मेरे बिना तुम प्रभु” कविता किस भाषा से अनुदित है? उत्तर — जर्मन भाषा से
6. “मेरे बिना तुम प्रभु” कविता का हिंदी रूपांतरण किसने किया है? उत्तर — धर्मवीर भारती ने
7. “मेरे बिना तुम प्रभु” कविता कहाँ से ली गई है? उत्तर — विश्व कविता के भाषांतरित संकलन ‘देशांतर’ से
8. “मेरे बिना तुम प्रभु” शीर्षक कविता किस भाव की है? उत्तर — भक्ति का
9. “दूर की चट्टानों की ठंडी गोद में” किस कवि की पंक्ति है? उत्तर — रेनर मारिया रिल्के
10. कवि के अनुसार मनुष्य के बिना किस का अस्तित्व नहीं रहेगा? उत्तर — ईश्वर का
11. कवि के अनुसार भक्त किस रूप में है? उत्तर — जलपात्र, मदिरा
12. कवि किनका शानदार लबादा गिर जाने की बात करता है? उत्तर — प्रभु का
13. ‘लाइफ एंड सोंग्स’, ‘लॉरेस सेक्रिफाइइस’, ‘ एडवेन्ट’ आदि के रचनाकार कौन हैं? उत्तर — रेनर मारिया रिल्के

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Question)

Q) कविता के आधार पर भक्त और भगवान के बीच के संबंध पर प्रकाश डालिए ।
उत्तर —

Q) कवि अपने को जलपात्र और मदिरा क्यों कहता है ?
उत्तर — कवि अपने को जलपात्र और मदिरा कहता है, क्योंकि जिस प्रकार से जलपात्र में जल सुरक्षित रहता है और उसके टूटते ही बिखर जाता है ठीक उसी प्रकार से ईश्वर भी अपने भक्तों के हृदय में सुरक्षित है तथा मरते ही हृदय से बिखर जाएंगे । और जिस प्रकार से लोग मदिरा में मदमस्त हो जाते हैं ठीक उसी प्रकार से ईश्वर भी अपने भक्तों के निर्गुण तथा सच्ची-भक्ति-भावना के सुखों में मदमस्त हो जाते हैं ।

Q) शानदार लबादा किसका गिर जायेगा और क्यों ?
उत्तर — शानदार लबादा ईश्वर का गिर जायेगा क्योंकि भक्त के रहने पर ही ईश्वर का अस्तित्व है और जब भक्त ही नहीं रहेगा तो ईश्वर का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा ।

– : समाप्त : –

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