Bihar Board Class 10th Hindi  (पद्य) : अध्याय 3 “अति सूधो सनेह को मारग है — घनानंद”

Bihar Board Class 10th Hindi : प्रिय विद्यार्थियों, “Mindbloom Study” (#1 Online Study Portal For Bihar Board Exams) आपके लिए लाया है Class 10th हिंदी अध्याय 3 “अति सूधो सनेह को मारग है — घनानंद” का सारांश, Objectives And Subjective Answer Questions

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

1. “अति सूधो सनेह को मारग है” पाठ की कौन सी विधा है ?
(A) निबंध         
(B) कहानी          
(C) कविता         
(D) भाषण

2. “अति सूधो सनेह को मारग है” पाठ के कवि कौन हैं ?
(A) गुरु नानक       
(B) रसखान           
(C) घनानंद       
(D) रामधारी सिंह दिनकर

3. कवि घनानंद का जन्म कब हुआ था ?
(A) 1469         
(B) 1539          
(C) 1689         
(D) 1709

4. कवि धनानंद किस काव्य धारा के कवि हैं ?
(A) रीतिमुक्त काल के               
(B) भक्ति काल के          
(C) प्रेम काल के                      
(D) इनमें से कोई नहीं

5. घनानंद की हत्या किसने की थी ?
(A) घरवालों ने                        
(B) डाकुओं ने           
(C) अकबर के सैनिकों ने           
(D) नादिरशाह के सैनिकों ने

6. कवि घनानंद की हत्या कब हुई थी ?
(A) 1739         
(B) 1539          
(C) 1469         
(D) 1709

7. कवि घनानंद किसके यहाँ मीरमुंशी का काम करते थे ?
(A) अबदल शाह दुर्रानी             
(B) नादिरशाह          
(C) मोहम्मद शाह रँगीला              
(D) इनमें से कोई नहीं

8. नादिरशाह के सैनिकों ने कवि घनानंद से क्या माँगा था ?
(A) रज, रज, रज                   
(B) जर, जर, जर          
(C) सज, सज, सज                 
(D) पर, पर, पर

9. कवि घनानंद ने नादिरशाह के सैनिकों को क्या दिया था ?
(A) रज, रज, रज         
(B) जर, जर, जर          
(C) सज, सज, सज         
(D) पर, पर, पर

10. ‘प्रेम के पीर’ कवि कौन हैं ?
(A) गुरु नानक           
(B) रसखान           
(C) घनानंद        
(D) सुमित्रानंदन पंत

11. ‘सुजानसागर’, ‘विरहलीला’, ‘रसकेलि बल्ली’ आदि किसकी प्रसिद्ध रचनाएँ है ?
(A) गुरु नानक         
(B) रसखान           
(C) घनानंद       
(D) अनामिका

12. घनानंद की भाषा थी ?
(A) परिष्कृत और शुद्ध ब्रजभाषा       
(B) हिंदी          
(C) मैथिली     
(D) खड़ी बोली

13. “अति सूधो सनेह को मारग है” कविता घनानंद की किस रचना से ली गई है ?
(A) सुजानसागर       
(B) विरहलीला          
(C) रसकेलि बल्ली          
(D) घनआनँद

14. “मो अँसुवानिहिं लै बरसो” के कवि कौन है ?
(A) गुरु नानक            
(B) रसखान           
(C) घनानंद       
(D) रामधारी सिंह दिनकर

15. “तुम कौन धौं पाटी पढ़े हौ कहौ मन लेहू पै देहु छटाँक नहीं” पंक्ति किस कविता की है ?
(A) प्रेम-अयनि श्री राधिका      
(B) अति सूधो सनेह को मारग है          
(C) राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा
(D) इनमें से कोई नहीं

16. कवि ने परजन्य किसे कहा है ?
(A) बादल को        
(B) परिजन को          
(C) प्रेमिका को    
(D) हवा को

17. घनानंद के अनुसार कौन-सा मार्ग अति सीधा और सरल है ?
(A) प्रेम का मार्ग        
(B) कलह का मार्ग          
(C) स्नेह का मार्ग      
(D) सत्य का मार्ग

18. घनानंद की कविताओं में किस की गहरी व्यंजना है ?
(A) प्रेम की पीड़ा        
(B) प्रेम की मस्ती          
(C) प्रेम की वियोग    
(D) इनमें सभी

19. कवि के अनुसार परहित के लिए कौन देह को धारण करता है ?
(A) हवा             
(B) मेघ              
(C) सूर्य             
(D) चाँद

20. रीतिमुक्त काव्यधारा के सिरमौर कवि है ?
(A) गुरु नानक       
(B) रसखान           
(C) घनानंद       
(D) रामधारी सिंह दिनकर

21. कुंजन का अर्थ होता है ?
(A) पृथ्वी    
(B) जंगल       
(C) बादल      
(D) बगीचा

22. घनानंद रचित अत्यंत प्रसिद्ध क्या है ?
(A) सवैया       
(B) घनाक्षरी          
(C) दोनों          
(D) इनमें से कोई नहीं

One Liner Objectives

1. “अति सूधो सनेह को मारग है” पाठ की कौन सी विधा है? उत्तर — कविता
2. “अति सूधो सनेह को मारग है” पाठ के कवि कौन हैं? उत्तर — घनानंद
3. कवि घनानंद का जन्म कब हुआ था? उत्तर — 1689 ई०
4. कवि धनानंद किस काव्य धारा के कवि हैं? उत्तर — रीतिमुक्त कवि
5. घनानंद की हत्या किसने की थी? उत्तर — नादिरशाह के सैनिकों ने
6. कवि घनानंद की हत्या कब हुई थी? उत्तर — 1739 में
7. कवि घनानंद किसके यहाँ मीरमुंशी का काम करते थे? उत्तर — मुगल बादशाह मोहम्मद शाह रँगीला
8. नादिरशाह के सैनिकों ने कवि घनानंद को क्या माँगा था? उत्तर — जर, जर, जर (तीन बार सोना, सोना, सोना)
9. कवि घनानंद ने नादिरशाह के सैनिकों को क्या दिया था? उत्तर — रज, रज, रज (तीन मुट्ठी धूल)
10. ‘प्रेम के पीर’ कवि कौन हैं? उत्तर — घनानंद
11. ‘सुजानसागर’, ‘विरहलीला’, ‘रसकेलि बल्ली’ आदि किसकी प्रसिद्ध रचनाएँ है? उत्तर — घनानंद
12. घनानंद की भाषा थी? उत्तर — परिष्कृत और शुद्ध ब्रजभाषा
13. “अति सूधो सनेह को मारग है” कविता घनानंद की किस रचना से ली गई है? उत्तर — घनआनँद
14. “मो अँसुवानिहिं लै बरसो” के कवि कौन है? उत्तर — घनानंद
15. “तुम कौन धौं पाटी पढ़े हौ कहौ मन लेहू पै देहु छटाँक नहीं” पंक्ति किस कविता की है? उत्तर — “अति सूधो सनेह को मारग है”
16. कवि ने परजन्य किसे कहा है? उत्तर — बादल को
17. घनानंद के अनुसार कौन-सा मार्ग अति सीधा और सरल है? उत्तर — स्नेह का मार्ग
18. घनानंद की कविताओं में किस की गहरी व्यंजना है? उत्तर — प्रेम की पीड़ा, मस्ती और वियोग सबकुछ
19. कवि के अनुसार परहित के लिए कौन देह को धारण करता है? उत्तर — मेघ
20. रीतिमुक्त काव्यधारा के सिरमौर कवि है? उत्तर — घनानंद
21. कुंजन का अर्थ होता है? उत्तर — बगीचा
22. घनानंद रचित अत्यंत प्रसिद्ध क्या है? उत्तर — सवैया और घनाक्षरी

विषयनिष्ठ प्रश्न (Subjective Answer Questions)

Q) कवि प्रेम मार्ग को ‘अति सूधो’ क्यों कहता है ? इस मार्ग की विशेषता क्या है ?
उत्तर — कवि प्रेम मार्ग को ‘अति सूधो’ कहता है क्योंकि इस मार्ग पर चलना बहुत आसान होता है इसमें बिना कुछ खर्च किए सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है । इस मार्ग की विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का कोई अभिमान, शंका, झिझक, कपट, छल की भावना नहीं होती है।

Q) कवि अपने आँसुओं को कहाँ पहुँचाना चाहता है और क्यों ?
उत्तर — कवि अपने आँसुओं को अपनी प्रेमिका सुजान के आँगन तक पहुँचाना चाहता है । क्योंकि इनका सोचना था कि सुजान ही इनकी प्रेम स्वरूपी पीड़ा के रुप में बहने वाली आँसुओं के दर्द को समझ सकती है।

Q) परहित के लिए ही देह कौन धारण करता है ? स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर — परहित के लिए ही देह बादल धारण करता है क्योंकि जब प्राणी प्यास तथा गर्मी से व्याकुल जो जाता है, पेड़-पौधे सुखने लगते हैं तब बादल अपना शरीर धारण कर अपने अमृत जैसे जल को पृथ्वी पर प्रदान कर सबको एक नया जीवन देता है।

Q) ‘मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं’ से कवि का क्या अभिप्राय है ?
उत्तर — मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं से कवि घनानंद जी का यही अभिप्राय है कि घनानंद अपनी प्रेमिका से यह पूछते है कि तुम कौन-सी पाठ पढ़ी हो जिससे दूसरों के प्रेम की भावना को माप लेती हो लेकिन अपनी प्रेम स्वरूपी भावना को मापने नहीं देती हो । जिस प्रकार मन (40 किलो) और छटाँक (कनमा) मापता है उसी प्रकार प्रेम भावना मापता है।

– : समाप्त : –

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